Vinay Patel

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अनसुलझे प्रश्न

समझे जीवन का सार
होता है विश्व का मर्म आज....

रचना कैसे हुई जैव विविधता की 
कैसे हुआ विश्व का प्रबंधन....

अंतर समझे प्रभु और प्रकृति के बीच आज
कैसे जाने अपनी बुद्धि की सीमा आज....

कैसे खोजे बहुमूल्य प्रश्न अनेक
जिनके उत्तर से बदल जाती इतिहास की धारा  अनेक.....

छिपे हुए हैं उत्तर सारे
कहलाती है ब्रह्मांड की कुंजी हमारी...

होती है जटिल मशीन हमारी
हमारा मस्तिष्क हमारी पूंजी....

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3 Comments

Om Prakash Jhariya

06-Jan-2025 12:57 PM

Awesome

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Punam verma

03-Sep-2023 09:07 AM

Nice

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Abhinav ji

03-Sep-2023 08:23 AM

Nice

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